Friday, September 9, 2011



वो एक ख्वाब ही होगा..

चाहत का एक लम्हा,
वो प्यारा सा एहसास,
वो एक ख्वाब ही होगा,

वो रूप-रंग वो श्रृंगार,
प्यार की एक बौछार,
वो एक ख्वाब ही होगा,

जिन्दगी भर का वादा,
उनको पाने का इरादा,
वो एक ख्वाब ही होगा !!

11 comments:

  1. मोनिका जी....सादर धन्यवाद !!

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  2. खूबसूरत लिखा है भाई!!

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  3. बहुत सुन्दर एवं मर्मस्पर्शी रचना !

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  4. चाहत का एक लम्हा,
    वो प्यारा सा एहसास,
    वो एक ख्वाब ही होगा,

    प्रत्येक पंक्ति में अत्यंत सुंदर भाव हैं.... संवेदनाओं से भरी बहुत सुन्दर कविता...

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  5. डॉ० शरद जी...बहुत-बहुत शुक्रिया !

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  6. wah bahut khubsoorat khab......bahut bahut pyari rachna

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  7. वाकई बहुत खूबसूरत ख़ाब मगर ख़ाबों को हकीकत में बदला भी जा सकता है :) सुंदर प्रस्तुति मेरी दो पोस्ट पर आपकी महत्वपूर्ण टिप्पणी की जरूरत है। समय मिले तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है।

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